NIOS Biology (314) Solved TMA(April/ Oct 2025-26) Hindi Medium
Biology (314) Tutor Marked Assignment (April/Oct 2025-26 Session) Download PDF: https://imojo.in/15Hz4pI WhatsApp no: 84487 31058 प्रश्न 1. (a) विभेदक जनन को दो चरणों में स्पष्ट कीजिए। उत्तर- विभेदक जनन के दो चरण इस प्रकार हैं – विभाजन चरण – इसमें एककोशकीय जन्तु या कोशिका विभाजन द्वारा दो या अधिक कोशिकाओं में बँट जाती है। विकास चरण – विभाजित कोशिकाएँ क्रमशः विशेष संरचना और कार्य प्राप्त कर अलग-अलग प्रकार की कोशिकाओं या अंगों का निर्माण करती हैं। प्रश्न 2. (b) समपरासारी विलयन में रखने पर कोशिका स्थिर क्यों रहती है? यदि अपरासारी विलयन घोल में रखा जाए तो इसका क्या होता है? उत्तर- समपरासारी विलयन में, कोशिका के अंदर और बाहर विलेय की सांद्रता समान होती है, जिससे पानी का शुद्ध प्रवाह नहीं होता, और कोशिका स्थिर रहती है। इसके विपरीत, यदि कोशिका को अल्पपरासारी (hypotonic) विलयन में रखा जाता है, तो कोशिका के अंदर पानी चला जाता है, जिससे कोशिका फूल जाती है या फट भी सकती है। प्रश्न 3. (b) (i) आपने दाल और चपाती (रोटी) वाला भोजन किया। पाचन तंत्र के किन हिस्सों में इनका पाचन शुरू होकर पूरा होता है? (ii) अंतिम उत्पादों का भी नाम लिखिए। उत्तर- (i) दाल (प्रोटीन) का पाचन मुख्य रूप से आमाशय में पेप्सिन एंजाइम द्वारा शुरू होता है और छोटी आँत में ट्रिप्सिन व अन्य एंजाइमों द्वारा पूरा होता है। चपाती (कार्बोहाइड्रेट/स्टार्च) का पाचन मुखगुहा में लार के एमाइलेज से शुरू होकर छोटी आँत में पूर्ण होता है। (ii) अंतिम उत्पाद – प्रोटीन → अमीनो अम्ल, कार्बोहाइड्रेट → ग्लूकोज़। प्रश्न 4. (b) किन्हीं पाँच कार्बनिक जैव- अणुओं का उल्लेख कीजिए जिन्हें वे नाइट्रोजन का उपयोग करके संश्लेषित करते हैं। उत्तर- सजीव नाइट्रोजन का उपयोग करके अनेक कार्बनिक जैव-अणुओं का संश्लेषण करते हैं। इनमें प्रमुख पाँच इस प्रकार हैं – अमीनो अम्ल – प्रोटीन के मूल घटक, वृद्धि व ऊतक निर्माण में सहायक। प्रोटीन – एंजाइम, हार्मोन एवं संरचनात्मक घटकों के रूप में कार्य करते हैं। न्यूक्लियोटाइड्स – डी.एन.ए. और आर.एन.ए. के निर्माण में सहायक। न्यूक्लिक अम्ल – आनुवंशिक सूचना का भंडारण और संचार। क्लोरोफिल – पादपों में प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक रंगद्रव्य। प्रश्न 5. (a) दिल्ली में तापमान सर्दियों में 5° C तक गिर जाता है और गर्मियों में 45°C तक जा सकता है, लेकिन हमारे शरीर का तापमान 37°C बना रहता है। हम इसे कैसे संभव बनाते हैं? उत्तर- मानव शरीर में तापमान को लगभग 37°C पर स्थिर बनाए रखने की क्षमता होती है, इसे उष्मानियमन (Thermoregulation) कहते हैं। मस्तिष्क का हाइपोथैलेमस शरीर का तापमान नियंत्रक केंद्र है। सर्दियों में जब बाहरी तापमान 5°C तक गिरता है, तो शरीर कंपकंपी और रक्त वाहिकाओं के संकुचन द्वारा ऊष्मा उत्पन्न और संरक्षित करता है। गर्मियों में जब तापमान 45°C तक पहुँचता है, तो शरीर पसीना निकालता है और रक्त वाहिकाओं का प्रसार कर अतिरिक्त ऊष्मा बाहर निकालता है। इस प्रकार विभिन्न शारीरिक क्रियाओं द्वारा शरीर का तापमान 37°C पर स्थिर बना रहता है। प्रश्न 6. (a) अपनी पसंद के कोई दस पौधे चुनिए। उन्हें सावधानी पूर्वक उखाड़िए, ध्यान रखिए कि उनकी जड़ें न टूटने पाएँ। इन पौधों को अखबारों के बीच में रखकर तथा उनके ऊपर खूब भारी पुस्तके रखकर उन्हें सुखाइए अपने बड़ों, अध्यापक / अध्यापिका अथवा माली से उन पौधों का सामान्य नाम ज्ञात कीजिए और उनका नीचे दिए गए तरीके से उसका वर्णन कीजिए: सामान्य नाम (स्थानीय/ हिंदी ) वैज्ञानिक नाम वर्णनः जडे तनाः पत्तियाँ पुष्पक्रमः पुष्पः बीजः पर्यावास अनुकूलन उपयोगिता (यदि कोई है तो ) मौसम जब बदल रहा हो संग्रह साइट माह जब एकत्र कोई अन्य उल्लेखनीय विशेषता उत्तर- सामान्य नाम (स्थानीय/हिंदी): तुलसी वैज्ञानिक नाम: Ocimum sanctum वर्णनः तुलसी एक सुगंधित औषधीय पौधा है, जिसे पवित्र माना जाता है। जड़ें: रेशेदार जड़ें। तना: सीधा, हरा-बैंगनी रंग का, मुलायम। पत्तियाँ: हरी, अंडाकार, किनारे दाँतेदार, सुगंधित। पुष्पक्रम: मंजरी रूप में, छोटे सफेद-बैंगनी फूल। पुष्प: छोटे, द्विलिंगी फूल। बीज: छोटे, काले, चिकने। पर्यावास: घर के आँगन और बगीचे। अनुकूलन: गर्म और शुष्क जलवायु सहनशील। उपयोगिता: औषधीय, धार्मिक तथा आयुर्वेदिक दवाओं में। मौसम जब बदल रहा हो: बरसात व सर्दी में अच्छा बढ़ता है। संग्रह साइट: अपने घर के आँगन से। माह जब एकत्र: अगस्त 2025 अन्य विशेषता: तुलसी की पत्तियों में औषधीय तेल (eugenol) पाया जाता है। Contact For Notes/TMA/Practical File/Admission WhatsApp no: 84487 31058 YouTube Channel : Pawan Sah Official https://www.youtube.com/@PawanSahOfficial Subscribe Channel, Thanking You
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