हिंदी (301)
Tutor Marked Assignment (April/Oct 2025-26)
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प्रश्न 1. (क) ‘कबीर की भक्ति में पूर्ण समर्पण और शरणागति का भाव है।’ सिद्ध कीजिए।
उत्तर- कबीर की भक्ति में ईश्वर के प्रति गहन प्रेम, पूर्ण समर्पण और शरणागति का भाव दिखाई देता है। वे मानते हैं कि केवल प्रभु की शरण में जाकर ही मानव जीवन सार्थक बनता है। कबीर ने भक्ति को साधन और भगवान को साध्य माना। उनके अनुसार अहंकार त्यागकर, निष्काम भाव से प्रभु को समर्पित होना ही सच्ची भक्ति है। इस प्रकार उनकी भक्ति में पूर्ण समर्पण और शरणागति स्पष्ट रूप से प्रकट होती है।
प्रश्न 2. (क) मनु भंडारी की कहानी ‘दो कलाकार’ की भाषा वास्तव में परिवेश और पात्र के अनुसार बदलती रहती है। उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – मनु भंडारी की कहानी ‘दो कलाकार’ में भाषा परिवेश और पात्र के अनुसार बदलती है। शहरी कलाकारों की भाषा शिष्ट और साहित्यिक होती है, जबकि अरुणा जैसी समाजसेविका की भाषा आम बोलचाल के करीब होती है। चित्रा और अरुणा के संवादों के बीच भावनात्मक बदलाव के साथ भाषा में भी परिवर्तन आता है, जिससे कहानी यथार्थपरक बन जाती है।
प्रश्न 3. (क) ‘सतपुड़ा के घने जंगल’ कविता में मानवीकरण का प्रयोग किस प्रकार हुआ है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- ‘सतपुड़ा के घने जंगल’ कविता में मानवीकरण का प्रयोग यह दिखाने के लिए किया गया है कि जंगल को किसी जीवित व्यक्ति के समान सजीव और संवेदनशील रूप में प्रस्तुत किया गया है। कवि भवानी प्रसाद जंगल को एकसोए हुए, अनमने व्यक्तिकी तरह चित्रित करते हैं।
प्रश्न 4. (ख) यक्ष – युधिष्ठिर संवाद में अभिव्यक्त जीवन-दर्शन की प्रासंगिकता का वर्णन कीजिए।
उत्तर- यक्ष-युधिष्ठिर संवाद में जीवन-दर्शन अत्यंत गहन और प्रासंगिक है। इसमें धर्म, कर्त्तव्य, सत्य और धैर्य की महत्ता पर बल दिया गया है। युधिष्ठिर ने प्रश्नों के उत्तर देकर यह सिद्ध किया कि लोभ, क्रोध और अहंकार से मुक्त रहकर ही मनुष्य जीवन सफल हो सकता है। उन्होंने बताया कि विद्या और विनम्रता से ही सच्चा सम्मान मिलता है। जीवन की अनिश्चितता को स्वीकार कर वर्तमान में सद्कार्यों का महत्त्व समझाया गया। आज भी यह संवाद हमें नैतिकता, संयम और कर्त्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है। इसलिए इसका जीवन-दर्शन हर युग में उपयोगी और प्रेरणादायक है।
प्रश्न 5. (क) अनुच्छेद लेखन करते समय किन-किन बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए? किन्हीं चार प्रमुख बिंदुओं को सोदाहरण उल्लेख कीजिए।
उत्तर- अनुच्छेद लेखन करते समय कुछ महत्त्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है:
- एकता – अनुच्छेद में विचार एक ही विषय पर केंद्रित हों। जैसे यदि विषय “स्वच्छता” है तो उसी से जुड़े विचार लिखे जाएँ।
- संक्षिप्तता – अनावश्यक शब्दों से बचना चाहिए। उदाहरण: “समय का सदुपयोग करना चाहिए” संक्षिप्त और प्रभावी वाक्य है।
- सुसंगति – वाक्यों में तारतम्यता हो, ताकि विचार क्रमबद्ध लगें।
- स्पष्टता – भाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए, जिससे पाठक को संदेश आसानी से समझ में आ जाए
प्रश्न 6. (ख) समसामयिक विषयों पर आधारित दो फीचर तैयार कीजिए। साथ ही फीचर लिखने की प्रक्रिया का भी सोदाहरण उल्लेख कीजिए।
उत्तर- समसामयिक विषयों पर दो फीचर
- पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रणआज बढ़ते प्रदूषण ने जीवन को संकट में डाल दिया है। जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और वनों की कटाई गंभीर समस्या बन चुकी है। फीचर में कारणों, दुष्परिणामों और समाधान जैसे वृक्षारोपण, स्वच्छ ऊर्जा व जनजागरण को शामिल किया जा सकता है।
- डिजिटल शिक्षा और नई पीढ़ीकोविड-19 के बाद डिजिटल शिक्षा का महत्व बढ़ा। मोबाइल, इंटरनेट और स्मार्ट क्लास ने शिक्षा को सरल बनाया, पर चुनौतियाँ भी हैं जैसे- डिजिटल असमानता और ध्यान भटकाना। फीचर में इसके फायदे, नुकसान और भविष्य की संभावनाएँ लिखी जा सकती हैं।
फ़ीचर लिखने की प्रक्रिया (सोदाहरण):
- विषय चयन – जैसे “पर्यावरण संरक्षण“।
- सूचना संग्रह – समाचार, पुस्तकों और इंटरनेट से तथ्य जुटाना।
- रोचक प्रारंभ – पाठक को आकर्षित करने वाला आरंभ लिखना।
- मुख्य भाग – विषय से जुड़े तथ्य, उदाहरण और विश्लेषण प्रस्तुत करना।
- समापन – सार्थक संदेश या समाधान के साथ निष्कर्ष देना।
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